मुझे नाज है मेरे जवाहर नवोदय विद्यालय, वर्धा, महाराष्ट्र के पूर्व विद्यार्थियोंपर जीन्होने इस कोविड 19 की आपदा के समय पूर्ण जिल्हे में सामन्य तथा जरूरतमंद लोगो की सहायता की और लगातार कर रहे हैं। बिते 14 अप्रेल से इन्होंने कार्य शूरु किया और आजतक इनका कार्य पूर्ण जोश में शूरु है। नवोदय अलूमनी वेल्फेअर असोसिएशन वर्धा इस पुर्व विद्यार्थी संघटना के आव्हान पर देखते ही देखते 3 लाख रुपये की रक्कम देश-विदेश मे रह रहे पूर्व विद्यार्थीयों द्वारा जमा की गइ। इस राशी का जमीनी स्तर पर इस्तेमाल करणे का निर्णय लिया गया। सर्वप्रथम जिल्हे के सभी तालुका में कमेटीया स्थापीत की गइ। इस कमिटी में प्रथम बॅच से तो अभि तक के छात्रोनको समिलित किया गया। जरूरतमंद सभी नवोदय परिवार की पहचान कर मदत सामग्री पहूचाही गइ है और निरंतर पहूचाही जा रही है। तथा समाज के इतर दिव्यांग, वृध्द तथा इतर जरूरतमंद लोगोतक भी मदत पहूचाही जा रही है। 1300-1350 तक की किराणा सामग्री एक परिवारको दि जा रही है। अभितक करिबन 200 जरूरतमंद लोगोतक यह सामग्री पहूचाही जा चुकी है। साथमे जरूरतमंद लोगोकी दवाई का खर्च भी वहन किया जा रहा है। इतनी कडी धूप में भी ये सब कडी मेहनत कर रहे है। नवोदय के ब्रीद वाक्य कम टू लर्न और गो टू सर्व्ह को ध्यान में रखते हुये ये समाज की सेवा में जुटे हुये है। पूर्व डॉक्टर छात्र भी अपनी सेवा समाज में दे रहे है। कोई तन से कोई मन से कोई तन, मन,धन से अपना सहयोग दे रहे है। इस कार्य का उन्होंने कही जीकर भी नही किया है सीर्फ काम पर ध्यान लगाये हुये है। ऐसा कार्य शायदही भारत के किसीं नवोदय अलूमणी द्वारा किया जा रहा हॊगा। ऐसें अलूमनी मिलना हमारे नवोदय का सौभाग्य है। छात्र कहते है यह संस्कार हमे नवोदय ने ही दिये है। मैं इस कार्य के लिये इन सभी छात्र-छात्राओंका तहे दिल से अभिनंदन करता हूं।
अनंत एन. झाडे
भांडारपाल,
जनव्ही, वर्धा।
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